मां-धीयां सत्कार योजना में 72 लाख से ज्यादा पंजीकरण, स्वास्थ्य योजना से 50 लाख परिवार जुड़े

मां-धीयां सत्कार योजना में 72 लाख से ज्यादा पंजीकरण, स्वास्थ्य योजना से 50 लाख परिवार जुड़े

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Over 7.2 million registrations under the 'Maa-Dhiyan Satkar Yojana'

चंडीगढ़Over 7.2 million registrations under the 'Maa-Dhiyan Satkar Yojana'... पंजाब सरकार की ओर से महिलाओं और आम लोगों के लिए शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं को लेकर अब आंकड़े सामने आने लगे हैं। इन आंकड़ों के आधार पर सरकार का दावा है कि जिन योजनाओं को लेकर विपक्ष की ओर से शुरुआत में सवाल उठाए गए थे, उनमें बड़ी संख्या में पंजाब के लोग जुड़ रहे हैं और उनका लाभ ले रहे हैं।

आम आदमी पार्टी के मीडिया सलाहकार बलतेज पन्नू ने प्रेस वार्ता के दौरान इन योजनाओं से जुड़े आंकड़े साझा करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में महिलाओं और परिवारों का इन योजनाओं से जुड़ना भगवंत मान सरकार के प्रति लोगों के विश्वास को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि मां-धीयां सत्कार योजना को लेकर शुरुआत में विपक्ष की ओर से कहा जाता था कि योजना शुरू नहीं हो पाएगी और इसका पंजीकरण भी नहीं हो सकेगा। इसके बावजूद अब तक योजना के तहत 72 लाख 56 हजार 686 पंजीकरण हो चुके हैं।

 

पटियाला पहले स्थान पर है

पंजीकरण के मामले में पटियाला जिला पहले स्थान पर है, जहां 5 लाख 50 हजार 53 महिलाओं ने पंजीकरण कराया है। अमृतसर 5 लाख 39 हजार 285 पंजीकरण के साथ दूसरे और जालंधर 5 लाख 9 हजार 707 पंजीकरण के साथ तीसरे स्थान पर है। बलतेज पन्नू ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं का पंजीकरण इस बात का संकेत है कि माताओं-बहनों ने मान सरकार पर भरोसा जताया है।

उन्होंने कहा कि जिन पात्र लाभार्थियों के खातों में अभी तक पहली किस्त की राशि नहीं पहुंची है, उन्हें भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। पात्र लाभार्थियों को उनकी राशि दी जाएगी और बाद में पंजीकरण कराने वाली पात्र महिलाओं को भी तीन महीने की राशि उनके खातों में पहुंचाई जाएगी। उन्होंने इस संबंध में फैल रही अफवाहों को भी गलत बताया।

विपक्ष पर साधा निशाना

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की ओर से कर्ज माफी और घर-घर नौकरी के नाम पर लोगों से फार्म भरवाए गए थे, लेकिन बाद में उन फार्मों का क्या हुआ, इसका किसी को पता नहीं चला। इसके विपरीत मान सरकार ने जो कहा, उसे पूरा करने का काम किया है।

इसी तरह मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना को लेकर भी विपक्ष की ओर से शुरुआत में सवाल उठाए गए थे। योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा दी जा रही है। सरकार के अनुसार, अब तक 50 लाख से अधिक परिवारों के स्वास्थ्य कार्ड बनाए जा चुके हैं। वहीं योजना के तहत पांच लाख से अधिक लोगों का इलाज हो चुका है और इलाज के लिए सरकार की ओर से 917 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।

निजी अस्पतालों में भी इलाज उपलब्ध

योजना में सरकारी अस्पतालों के साथ सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी इलाज की सुविधा उपलब्ध है। स्वास्थ्य कार्ड बनाने के मामले में लुधियाना जिला पहले स्थान पर है, जहां 5 लाख 36 हजार 504 कार्ड बनाए जा चुके हैं। पटियाला 4 लाख 52 हजार 30 कार्ड के साथ दूसरे और जालंधर 3 लाख 95 हजार 336 कार्ड के साथ तीसरे स्थान पर है।

पन्नू ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना को लेकर भी शुरुआत में कई तरह की अफवाहें फैलाई गईं कि कार्ड जटिल है और इससे इलाज नहीं हो पाएगा। लेकिन अब तक इलाज करा चुके पांच लाख से अधिक लोगों और जारी किए गए 917 करोड़ रुपये के आंकड़े योजना की स्थिति को स्पष्ट करते हैं।

90 फीसदी घरों का बिजली बिल शून्य

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से 600 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा भी दी जा रही है और करीब 90 प्रतिशत घरों का बिजली बिल शून्य आ रहा है। किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने के साथ-साथ नहरी पानी की पहुंच बढ़ाने का भी दावा किया गया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से जुड़े विस्तृत आंकड़े आने वाले दिनों में सार्वजनिक किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि योजनाओं के आंकड़े यह दिखाते हैं कि पंजाब के लोगों ने सरकार पर भरोसा जताया है और सरकार की ओर से किए गए वादों को जमीन पर लागू करने का प्रयास किया जा रहा है।